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प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना 2025 – माताओं के लिए सरकार की सबसे उपयोगी योजना

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 👩‍🍼 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) – माँ बनने का सम्मान, सरकार की पहल भारत में “माँ” शब्द सिर्फ एक रिश्ता नहीं, बल्कि एक भावना है। माँ ही परिवार की आधारशिला होती है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान कई महिलाएँ आर्थिक रूप से कमजोर होती हैं और उन्हें उचित पोषण या स्वास्थ्य सेवाएँ नहीं मिल पातीं। इसी समस्या को समझते हुए भारत सरकार ने शुरू की प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana - PMMVY) — एक ऐसी योजना जो मातृत्व के समय महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें सशक्त बनाती है। 🌸 योजना की शुरुआत और उद्देश्य प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2017 को की गई थी। यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही है और इसका मुख्य उद्देश्य है — गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ जीवन, बेहतर पोषण और प्रसव के समय आर्थिक सहायता देना। सरकार का मानना है कि अगर माँ स्वस्थ रहेगी, तो बच्चा भी स्वस्थ रहेगा, और यही “सशक्त परिवार, सशक्त राष्ट्र” की असली नींव है। 💰 मिलने वाली सहायता राशि इस योजना के अंतर्गत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कुल ₹5,...

प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना 2025 | जानिए कैसे मिलेगा ₹3 लाख तक का लोन

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 🌾 किसान क्रेडिट कार्ड योजना क्या है? भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ किसानों की मेहनत ही देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।  लेकिन खेती के दौरान जब-जब पैसों की ज़रूरत पड़ती है जैसे बीज खरीदना, खाद लेना, सिंचाई, या कृषि उपकरण लेना तब किसानों को अक्सर महंगे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता है। इसी समस्या को हल करने के लिए सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना (Kisan Credit Card Scheme) शुरू की थी।  यह योजना किसानों को आसान शर्तों पर कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराती है ताकि वे खेती से जुड़ी ज़रूरतों को पूरा कर सकें। 📜 योजना की शुरुआत कब हुई?  किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत 1998 में भारत सरकार ने नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) की सहायता से की थी।  इसका उद्देश्य किसानों को एक ही कार्ड के माध्यम से क्रेडिट (उधारी) सुविधा देना था ताकि बार-बार बैंक के चक्कर लगाने की ज़रूरत न पड़े। 🎯 योजना का उद्देश्य  1.  किसानों को कम ब्याज पर कर्ज उपलब्ध कराना।  2.  खेती से जुड़ी हर ज़रूरत जैसे बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई आदि में आर्थिक मदद देना। ...